4th Years Under Graduation 2023-27 अभी लागू संभव नहीं, शिक्षा मंत्री

4th Years Under Graduation 2023-27 अभी लागू संभव नहीं, शिक्षा मंत्री

4th Years Under Graduation 2023-27

4 वर्षीय स्नातक कोर्स को लेकर बिहार मे राजनीतिक घमासान। शिक्षा मंत्री बोले 4 वर्षीय स्नातक 2023-27 कोर्स लागू अभी संभव नहीं, तो वही राजपाल बोले छात्रों के हित में 4 वर्षीय स्नातक कोर्स सही। जानेंगे इस आर्टिकल में पुरी खबर को विस्तार से।

राज्य के विश्वविद्यालयों में इसी साल से 4 वर्षीय स्नातक कोर्स लागू कराने के मामले पर राज्यपाल और सरकार में ठन गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन असमंजस में है। नियम की बात करें तो विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत पाठ्यक्रम सहित नीतिगत निर्णयों के मामले में राज्यभवन का हीं आदेश लागू करने का प्रावधान है। सरकार के पास वित्तीय अधिकार है राज्य भवन आगामी सत्र (2023-27)  से ही विश्वविद्यालय में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत 4 वर्षीय स्नातक को लागू कराने का पक्षधर है, तो वहीं सरकार इसे लागू नहीं कराने के पीछे आधारभूत संरचना शिक्षक और कर्मचारियों की कमी का तर्क दे रही है।

4th Years Under Graduation 2023-27 अभी लागू संभव नहीं, शिक्षा मंत्री

शनिवार को शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों और प्राचार्य के साथ बैठक में 4 वर्षीय स्नातक कोर्स लागू करने पर सवाल खड़े किए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में इसे लागू कराने के लिए आधारभूत संरचना चाहिए। सरकार के लिए इसकी खातिर अतिरिक्त बजट का प्रावधान करना मुश्किल है। शिक्षा मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि जब विश्वविद्यालय में 3 वर्ष का स्नातक 5 वर्ष में पूरे हो रहे हैं तो 4 वर्ष के कोर्स7 साल में पूरे होंगे। कला के साथ विज्ञान और विज्ञान के साथ वाणिज्य विषय की पढ़ाई पर मंत्री का कहना था कि छात्र-छात्राओं की हित में नहीं है। उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि विज्ञान या काला इसमें छात्रों की विशेषता होगी इसमें छात्रों का रोजगार भी प्रभावित होगा।

4th Years Under Graduation 2023-27 कोर्स छात्रों के हित में।

वही राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेंकर शनिवार को एक निजी न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में सेमेस्टर सिस्टम और चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम आधारित 4 वर्षीय स्नातक कोर्स को बिहार के छात्रों के हित में बताया। उन्होंने कहा इसके तहत छात्रों को स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के लिए 3 वर्ष तक ही अध्ययन करना होगा जो विद्यार्थी पुस्तक शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। वह विदेशों में पढ़ाई करना चाहते हैं या विश्वविद्यालय उत्तर शिक्षा के लिए स्नातक स्तर पर 4 वर्ष की शिक्षा आवश्यक है वहां प्रवेश पाना चाहता है तो इच्छा अनुसार चौथे वर्ष की पढ़ाई का विकल्प चुन सकते हैं। राज्यपाल ने यह भी कहा कि सेमेस्टर सिस्टम पूरे देश में लागू है बिहार में पटना विश्वविद्यालय में यह सिस्टम पहले से लागू है इससे बच्चों की मेधा की पहचान बेहतर की जा सकती है।

फैसला आना बाकी –

5 जून को नई शिक्षा नीति पर सेमिनार हुआ था 6 जून को राज्य भवन ने विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर 4 वर्षीय स्नातक कोर्स को अकैडमी काउंसलिंग हुआ व सेंडिकेट से स्वीकृत कराकर भेजने के लिए कहा। परंतु 15 जून को बिहार के नए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने राज्यपाल सचिवालय को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने 4 वर्षीय कोर्स लागू करने पर विचार करने का आग्रह किया।

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